परमेश्वर कबीर जी की ज्ञान लीलाएं

परमेश्वर कबीर जी की ज्ञान लीलाएं
धरती पर सतलोक संत रामपाल जी महाराज ने उतार दिया है सतलोक आश्रम में

शुक्रवार, 16 जनवरी 2026

सत्यमेव जयते .... आओ एक सच्चाई पर नजर युग परिवर्तन का बीज ..

 बताओ, आज तक हम कभी हारे हैं क्या ? आप हमारा इतिहास उठाकर देखो , 2006 से 2025 तक का। 2006 में तो हम संख्या में बहुत कम थे , आज की तुलना में 2% थे । यानी उस समय हम 2 थे तो आज हम 100 है । और जब हम 2 थे , तब हमारे ऊपर हमला हुआ और हमलावरों को तत्कालीन मुख्यमंत्री ने 50 - 50 हजार का इनाम दिया । जो मुख्यमंत्री हमारे खिलाफ था , सेंट्रल में भी उन्हीं की सरकार थी । मीडिया ने सब कुछ झूठ दिखाया , हमें बदनाम किया , हमारा 1 ही तो आश्रम था छोटा सा , 2 एकड़ में । उसे भी हमसे छीन कर हमें बेघर कर दिया । हमारे मुख्या, हमारे भगवान , हमारे गुरुजी पर हत्या का झूठा मुकदमा 2006 में बना दिया गया। फिर हम हाइकोर्ट से जीते , लेकिन सरकार ने हाइकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया , फिर हम सुप्रीम कोर्ट में भी जीते । 2008 में जमानत पर हमारे भगवान बाहर आए , लेकिन तब तक हालत बदल चुके थे , जो 2 थे अब वो 4 हो चुके थे । यानी कि गुरुजी के जेल में होते हुए भी संगत दुगुनी हो चुकी थी । अभी तक हमारे विरोध में मूलरूप से सरकार , प्रशाशन और मीडिया थी । सरकार का तो वोट बैंक का चक्कर था , प्रशासन तो सरकार की कठपुतली होती ही है और मीडिया को TRP चाहिए थी । लेकिन कहते है कि जिस पर इस संसार का कोई भय काम न करे , वही संत / शूरमा होता है । जेल से जमानत पर आने के बाद भी संत रामपाल जी ने सत्य का साथ नहीं छोड़ा , उन्होंने भ्रष्ट न्यायतंत्र की पोल खोलनी शुरू की और इस भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ 3 पुस्तके लिखी । 

1) भ्रष्ट जज कुमार्ग पर ।

2) न्यायलयों की गिरती गरिमा ।

3) सच बनाम झूठ । 

इन पुस्तकों की 1 लाख से अधिक प्रतियां हरियाणा के सभी वकीलों , जजों तक पहुंचाई । और सबसे पहले ये पुस्तके उन जजों के चैंबर में पहुंचाई जिनका नाम और उनके भ्रष्टाचार के प्रमाण इन पुस्तकों में थे , और वो संत जी के केस की सुनवाई भी कर रहे थे । अब यह सिद्ध हो चुका था कि भय भी जिनसे भयभीत होता है उस महापुरुष का नाम है "संत रामपाल जी महराज" । समय बीतता गया , संत रामपाल जी और उनके अनुयायि सभी प्रकार के विरोध और अत्याचार को सहन करते हुए परमात्मा के सत्य ज्ञान का प्रचार करते रहे । इस बीच भी देश के अलग अलग हिस्सों से संत रामपाल जी की पुस्तकों पर केस दर्ज हुए , लेकिन सब केसों में संत जी बरी होते गए। अब हमारी संख्या 4 से 10 हो चुकी थी । एक निर्दोष संत 2006 से 2014 तक तारीख पर तारीख झेलते रहे। अब समय था इस सिस्टम का विरोध करने का । और इस विरोध का अंजाम तो सर्वविदित था । लेकिन जैसा कि मैने पहले भी लिखा कि हर प्रकार का डर संत रामपाल जी महराज के चरणों में आकर नतमस्तक होता है । बरवाला कांड हुआ , 6 शूरवीर भक्तों का सर्वोच्च बलिदान हुआ , फिर से झूठे केस संत रामपाल जी महराज पर मढ़े गए । लगातार 5 FIR, FIR No. 426,427,428,429,430/2014 दर्ज हुई , हर FIR में कम से कम 15-20 धाराओं के तहत केस दर्ज हुए , यानी कि 5 केसों में कुल मिलाकर कम से कम भी 80 -100 धाराएं संत जी पर दर्ज हुई । संत रामपाल जी को पुन बदनाम किया गया , संत रामपाल जी के साथ उनके 950 भक्तों को भी अलग अलग धाराओं में जेल भेजा गया । लेकिन सत्यमेव जयते । धीरे धीरे संत रामपाल जी महराज सभी केसों में बरी होते गए , उधर सरकार पर नकली गुरुओं ने दबाव बढ़ाया , वोट बैंक का सवाल था , सरकार ने निचली अदालत के जजों पर दबाव और लालच दिया । जिसके फलस्वरूप संत रामपाल जी महराज के साथ 2018 में फिर से सरासर अन्याय हुआ । सारे गवाह संत रामपाल जी महराज के पक्ष में थे , मेडिकल रिपोर्ट चीख चीख कर संत रामपाल जी का समर्थन कर रही थी , मृतकों के परिजन जोकि संत रामपाल जी के शिष्य भी थे , सबने संत रामपाल जी महराज के पक्ष में गवाही दी , उसके बावजूद सब गवाहों और साक्ष्यो को दरकिनार करते हुए भ्रष्ट जज Dr. D R Chaliya ने 2018 में उस संत जी को उम्रकैद की सजा सुनाई जिसकी उम्र का लेखा जोखा तो स्वयं धर्मराज के पास भी नहीं था । संत जी मुस्कराए , और जज साहब को धन्यवाद किया । अदालत के इस फैसले को पंजाब & हरियाणा हाइकोर्ट में चैलेंज किया गया। 7 साल के लंबे संघर्ष के बाद माननीय हाइकोर्ट ने सत्य का पक्ष लेते हुए दोनों केसों FIR no 429, 430/ 2014 में निचली अदालत के फैसले को निलंबित करके संत रामपाल जी महराज की सजा पर रोक लगा दी । और फिर से हमारी जीत हुई । इस बीच गुरुजी ने हमें कई बार बताया कि बच्चों अभी तो खेल जारी है , हार जीत का फैसला तो अंत में होता है । इसलिए निराश नहीं होना , अपने गुरुजी को अपने साथ समझना। और समझना क्या था इसमें , यह तो हर भगत का अनुभव है , उन्होंने हर समय अपने गुरुदेव को अपने संग पाया था । लिखने को तो और भी बहुत कुछ है, लेकिन इतना काफी है । यह पोस्ट मैने विरोधियों के लिए लिखी है , कि अंधभक्ति से तुम्हारी बुद्धि में गोबर भर चुका है , तुम्हारा विरोध हमारा प्रचार है लेकिन दुख इस बात का है कि तुम अपने जीवन को संत रामपाल जी का साथ देकर सफल बना सकते थे , लेकिन तुम तो कोरा पाप इकट्ठा करने में लगे हो । और सुनो अब तो हम 10 से 100 हो चुके है । तुम्हारी 7 पुश्ते भी एक साथ आ जाए , तो भी हमें झुका नहीं पाएगी । क्योंकि हम सत्य के साथ खड़े हैं और सत्यमेव जयते , सत्य की सदा से ही जीत होती आई है और अब तो सत्य के साथ स्वयं परमात्मा खड़े है । इसलिए हे पाखंडियों! विरोध और पाखंड छोड़ो और कबीर भजो। 

सत साहेब, सत कबीर। 

संत रामपाल जी महराज भगवान की जय हो ।


#SantRampalJiMaharaj 

#SatlokAshram