परमेश्वर कबीर जी की ज्ञान लीलाएं

परमेश्वर कबीर जी की ज्ञान लीलाएं
धरती पर सतलोक संत रामपाल जी महाराज ने उतार दिया है सतलोक आश्रम में

शनिवार, 25 अगस्त 2018

शंका समाधान अध्यात्म भक्ति के बारे में

*शंका  समाधान*
लोगो  के  मन मे  ये  गलत शंका  रहती  हैं  की  संत  रामपाल जी देवी देवताओं को नही मानते और इनको छुडाते है ।
*हम संत रामपाल जी के शिष्य आपको निवेदन करते है कि आप कृपया पूरी सच्चाई जाने आधी अधूरी जानकरी नुकसानदेह होती है। साधना टी वी पर रोज शाम को 7:30pmको सच का संग अर्थात सत्संग में सच जाने।*

*और हम आपको यह बता देना चाहते  है कि संत रामपाल जी देवी देवताओं की वैदिक रीति ''''ब्रह्म गायत्री मंत्र"'' से साधना करवाते है और वेदों में भगवान का आदेश जिस पूर्ण प्रभु की भक्ति का  है, उनकी अति गुप्त सच्चा  मंत्र* 
*""""आदि राम रसायनमंत्र''''" द्वारा भक्ति करवाते है।*

*सुबह को सनातन लोक और* *सनातन परमेश्वर की आरती*
*दोपहर को देवताओं की रमैनी आरती*
*व शाम को सनातन परमेश्वर की आरती करवाते है ।*
*यही मूल आदि सनातन भक्ति मार्ग है बिधि है।*
गीता जी मे भगवान ने कहा है जो इस शास्त्र बिधि को त्यागकर खुद की मर्जी या किसी के भी बताए शास्त्र विरुद्ध मनमाना आचरण को करता है वो भगवान का  महा अपराधी है।
*देवता हमारे शरीर मे हमारे साथ है इसलिए हमारे परम गुरुदेव हमारे शरीर मे देवताओ की मूल स्थिति दिखा और बता कर साधना करवाते है जिससे ये देवता हमको हमारे अंदर दिखाई देते है ।इसलिए हमको इंसान के बनाये कृत्रिम मंदिर में जाने की जरूरत ही नही पडती। और उनके फ़ोटो भी लगाने की भी जरूरत नही पड़ती । साक्षात दर्शन होते रहते है ।
 और 24 प्रकार की सिद्धियां भी शरीर मे प्रकट होने लगती है । और मानव जीव पूर्ण मुक्त होकर सनातन लोक जाने की तैयारी में होता है ।*
हे मित्रो परम कल्याणकारी भक्ति मार्ग को संत रामपाल जी से प्राप्त करो ।
*शैतानी शक्तियों ने माया के पुजारी लोगो द्वारा इस परम संत को बदनाम कराया है आप विद्धान हो आप पूरी सच्चाई जानो जो भी आरोप लगे वो कोर्ट में निराधार साबित हुए।और षड्यंत्र कारी एक एक करके कोर्ट द्वारा दंडित किये जा रहे है ये टीवी न्यूज वाले ये खबर नही दिखाएंगे क्योंकि उन्होंने पैसा लिया था गलत खबर चलाने का*
कृमशः आगे और महत्वपूर्ण जानकारी देता रहूंगा । सत साहेब जी

जनकल्याणकारी - जीवनकल्याणकारी जरूरी तथ्य

*जनकल्याणकारी - जीवनकल्याणकारी जरूरी तथ्य*
भारत मे लोग सबसे ज्यादा आस्तिक और पूजा पाठी है फिर भी सबसे ज्यादा तांडव है यहां ,,,,
आखिर क्यों ? कभी सोचा है ?
भगवान गीता जी मे अर्जुन के माध्यम से सारी दुनिया के लिए आदेश दे गए कि करने योग्य धार्मिक क्रियाओ की बिस्तृत जानकारी *सच्चिदानंद घन ब्रह्म की वाणियो को पढो*
  इसलिए सच्चिदानंद घन ब्रह्म की वाणियो को पढ़कर पूर्ण *ब्रह्म ज्ञान* की प्राप्ति होती है ।। जिसमे हमने जाना कि सर्व जीवात्मायें जो मृत्युलोक में फंसी है ने हठ करके सनातन परमेश्वर को छोड़ अमर सनातन लोक को छोड़ इस मृत्युलोक में आ गयी थी। यहां इस मृत्युलोक के स्वामी ने हम सभी को सभी बातें भूल दी। और अपनी त्रिगुण माया के अधीन कर दिया । और हम सभी अमर जीवो के ऊपर 4 प्रकार के शरीर की परतें चढ़ा दी । और सभी को जन्म मृत्यु में डाल दिया । और अपनी त्रिगुण मई माया के प्रभाव से हमारे कर्म खराब करा कर 84 लाख प्रकार के अन्य शरिरो में डाल कर कष्ट देता है ।
 इसने की कुछ जीवो को देव बनाया कुछ को राक्षस और कुछ को मानव ,,,,  और सर्व कार्य गुप्त रूप से अपने ब्रह्म लोक में रहकर करता है ।
इस ब्रह्म ने ही जीवो की दुर्गति की हुई है ये नही चाहता कि कोई भी जीव को पूरा मूल सच पता चले और जीव यहाँ से मुक्त हो सनातन लोक जा पाए । इसलिए जब भी परमात्मा का कोई भी अंश आता है ये बखेड़ा खड़ा करता ही है याद कर इतिहास जैसे संत ईसा जी , संत गुरु नानक देव की
संग गरीब दास जी , संत मलूक दास जी
और अब संत रामपाल जी ।
*हे मित्रो ! हम सब एक परमेश्वर की संतान है औए बेद परमेश्वर का भेजा हुआ हमारे लिए एक गाइड और संबिधान है जिसका सही सही प्रयोग कर हम सच मे वास्तविक साधना और भक्ति मार्ग में प्रगति कर पाएंगे और जो  भक्ति मार्ग में लाभ लिखे है वो मिलेंगे तथा रिद्धि व सिद्धि तो फ्री में ही आ जाती है*।
*और जान बूझकर वास्तविक भक्तिमार्ग को जानने की कोशिस न करने वाला वास्तव में भगवान का महा अपराधी है। क्या आप की भक्ति बिधि शास्त्र अनुकूल है कृपया हम से मिल कर चेक कर ले ये मानव जीवन बहुत दुर्लभ है बाद में बहुत पछतावा होता है।*
अर्थात भारत मे लोग भगवान के आदेशों के विरुद्ध पूजा पाठ कर और करवा रहे है जाने और अनजाने में बहुत गंभीर अपराध रोज रोज करते है , आन उपासना करते है , फलस्वरूप यहां के लोग  अंध भक्ति करते और करवाते है अपना जीवन नरक बनाते है । और मरकर भूत प्रेत आदि निकृष्ट योनियो में सजा पाते है ।।
धन्यवाद ,,, आगे भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा करता रहूंगा ।
*पूर्ण ब्रह्म कवीर रामपाल जी महाराज की जय हो*

जरा सोचिए

*जरा सोचिए*
आपको परमात्मा ने मानव शरीर क्यों दिया ?
अपने आस पास देखो बहुत सी जीवात्मायें कुत्ते बिल्ली घोडे हाथी कीड़े मकोड़े सुअर गधे गाय भैस आदि शरीरो में में कष्ट पा रही है , आखिर उन्होंने पिछले मानव जन्म में ऐसे कौन से *शास्त्र विरुद्ध मनमाना आचरण* किया कि इस बार उनको अन्य शरीरो में दंड भोग रहे है ।
और आपको किस कारण इस जन्म में मानव शरीर मिला ?
*सोचिये जरा सोचिए*
यदि नही सोचोगे तो श्रेष्ठ भक्ति मार्ग मिलेगा भी नही और शास्त्र विरुद्ध अर्थात भगवान के आदेश विरुद्ध मनमाने आचरण करने से आप भी भगवान के अपराधी हो जाओगे और इसका दंड आने वाली पीडिया और खुद भी भोगोगे।
 *आपके हितैषी संत रामपाल जी के शिष्य आपसे नम्र निवेदन करते है कि आप यदि खुद को हिन्दू मानते हो और खुद को भगवान का भगत मानते हो तो आपके लिए अति अनिवार्य है कि आप संत रामपाल जी के सत्संग सुने और जाने अतिगोपनीय रहस्य और भगवान के वेदो में वर्णित आदेश संविधान जिस पर चल कर  आप सनातन लोक के अधिकारी बनोगे मृत्युलोक से हमेशा के लिये मुक्त हो जाओगे ।  माया पर विजय पा लोगे सम्पूर्ण ब्रह्म ज्ञानी हो जाओग, सभी देवता आपके एक वचन में सध जाएंगे ,24 सिद्धिया आ जाएंगी ,
जन्म जन्मान्तरों के सर्व पाप नाश हो जाएंगे । पूर्ण हंस बन सनातन लोक जाओगे और अमर स्वरूप में वहां अपने परिवार सहित निवास करोगे ।
देर न करो मानव जीवन सफल करो *( नोट :- कोई भी शंका प्रश्न हो तो कृपया समाधान प्राप्त करे और अपनी भक्ति को अमूल्य बनाये भक्ति के नाम पर टाइम पास न करे ऐसे लोगो से भगवान कभी खुश नही होता ))*
*परम अक्षर ब्रह्म कबीरगने: नमः*
*सत श्री अकाल कवीर पुरख*
*आदि राम कविराय नमः*
साधना टीवी पर रोज शाम 7:30pm पर
श्रद्धा टीवी पर रोज दोपहर 2:00pm पर
और आपके आस पास सभी मुख्य जगहो पर हर माह सत्संग
 भारत सहित कई देशों में  हर 80 km पर निःशुल्क नाम दीक्षा केंद्र और शंका समाधान केंद्र

सच्ची खबर कड़वा घूंट

*सच्ची खबर कड़वा घूंट*
मनुष्य भगवान के आदेशों की अज्ञानतावश अपनी सुबिधानुसार रोज रोज धज्जियां उड़ाते है , और खुद को बहुत धार्मिक व्यक्ति कहते है,
भगवान ने जीव को मानव शरीर दिया और उस शरीर मे  सात मंदिर(कमल चक्र बनाये) ।
प्रथम मूल में (रीढ़ की हड्डी के नीचे अंत मे) गणेश जी का निवास मंदिर कमल है ।
इससे ऊपर ब्रह्मा जी सावित्री जी का मंदिर कमल , इससे ऊपर नाभि क्षेत्र में विष्णु लक्ष्मी जी का मंदिर कमल, इससे ऊपर हृदय  में शिव जी पार्वती जी का मंदिर कमल , इससे ऊपर कंठ में देवी दुर्गा जी का मंदिर कमल, इससे ऊपर मस्तक के मध्य में त्रिकुटी मंदिर कमल
और इससे ऊपर सिर के ऊपरी हिस्से में ज्योति निरंजन ब्रह्म का मंदिर कमल
*परम सनातन सद्गुरु संत रामपाल जी महाराज 
अपने शिषयो को मानव निर्मित कृतिम मंदिर में भक्ति साधना के भाब से जाने को मना करते है और  शिष्य के (ब्रह्म गायत्री मंत्र साधना से ) मानव शरीर मे इन सभी देवताओं के मंदिर कमल के दरवाजे खोल देते है। और उनके शिष्य को देव स्वयम दर्शन देते है हासिल चाल पूछते है । संत रामपाल जी अपने सभी शिष्यो के सभी विकार छुड़वाते है और सरल व निर्मल जीवन का उपदेश देते है , *और सर्वोच्च पुरषोत्तम आदि राम का राम रसायन सतनाम मन्त्र प्रदान कर सनातन लोक का अधिकारी बनाते है। वास्तव में ये संत रामपाल जी के शिष्य सनातन लोक की तैयारी कर रहे है इसलिए सिर्फ ये ही सनातन भक्त है* *ये है  सर्ब देवो के प्रिय भक्त* बाकी के जीव तो मृत्युलोक में बने स्वर्ग नरक या अन्य लोको की क्षणिक सुख में ही भटके है,
, और ये नकली संत और लोग जो कोई न कोई नशा करते है मासाहार करते है झूट बोलते है अनैतिक कार्य करते है । भगवान के संबिधान का मूल ज्ञान ही नही पता और भक्ति व साधना का मूल भाव ही नही पता  और संत रामपाल जी व इनके शिषयो पर गलत कमेंट करके अपनी मूर्खता साबित करते है और अपना मानव जीवन को बेकार करते है । तरस आता है ऐसे मूर्ख मानवो पर। पता नही ये अगले जनम में क्या शरीर प्राप्त करेंगे ।

भगवान के अपराधी कौन

*भगवान के अपराधी कौन*

:- जो व्यक्ति भगवान के आदेशो को जानना न चाहे
:-जो ब्यक्ति अपने लाभ के लिए भगवान के आदेशों के बिरुद्ध मनमाना आचरण करे और करवाये ।
:-जो व्यक्ति पाखंड करे और करवाये
:- जो नशा करे जैसे तम्बाखू, गुटखा, शराब, अफीम ,चरस , बीड़ी , सिगरेट, ड्रग्स आदि आदि
:- जो मासाहार करे।
:- जो चोरी,ठगी,बईमानी आदि आदि आंतरिक बिकार से युक्त हो
:- जो वास्तविक भक्ति को छोड़ केवल माया माया के पीछे पड़ा रहे।
:- सभी नास्तिक ।
:- सभी आस्तिक जो नकली विधि से भक्ति कर और करवा रहे है ।
:- जो अपने एक सनातन परमेश्वर को छोड़ अन्य को अपना ईष्ट बनाये बैठे है।
:- जो भक्ति केवल दिखावे के लिए करते है।

धर्म की हानि क्यों और कैसे होती है?

*जब जब धर्म की हानि होती है तब तब भगवान अपना रूप धर्म की रक्षा हेतु भेजते है* (पवित्र गीता जी)

  बहुत ही गंभीर प्रश्न कि
*धर्म की हानि क्यों कैसे होती है*
 *किस प्रकार परमात्मा का अंश रूप ज्ञान से धर्म की स्थापना करता है*
इन प्रश्नों का उत्तर जानने के लिए रोज शाम साधना टीवी पर *7:30 pm* पर
और श्रद्धा टीवी पर रोज दोपहर *2:00 pm*  पर एकाग्रचित होकर देखे व सुने।।।

सोमवार, 25 जून 2018

देवी भागवत पुराण के तीसरे स्कन्ध में देवी दुर्गा जी द्वारा ब्रह्मा जी को शाप देना जिससे ब्राह्मण समाज भ्रष्ट हो गया ।खुद ही पढ़े पवित्र शास्त्र को। क्लिक करे

*देवी भागवत पुराण के तीसरे स्कन्ध की कथा पढ़ने से प्राप्त ज्ञान*

ब्रह्मा जी द्वारा अपने पिता ब्रह्म  के दर्शनों के लिए *तप* करने के लिए जाना असफल होकर वापस आकर अपनी माता देवी *दुर्गा जी* से झूठ बोलना और  *देवी दुर्गा जी* का ब्रह्मा जी को शाप देना कि
हे ब्रह्मा ! तेरी पूजा जग में नही होगी आगे तेरे  वंशज ब्राह्मण होंगे वे बहुत पाखंड करेंगे। झुठी बात बना कर जग को ठगेंगे।ऊपर से कर्म कांड करते दिखाई देंगे अंदर से विकार करेंगे । शास्त्रो की वास्तविकता से अपरिचित होंगे फिर भी मान वश   धन प्राप्ति के लिए गुरु बन कर अनुयायियों को शास्त्र विरुद्ध मनमाना आचरण करेंगे और बनावटी लोक कथाये सुनाएंगे । एक परमेश्वर की पूजा छुड़वाकर मनुष्यो को तरह तरह के देवी देवताओं की पूजा पर लगा कर और दूसरों की निंदा करके  नरक का भागी बनाएंगे ।दक्षिणा के लिए जगत को गुमराह करेंगे । अपने आपको सबसे अच्छा और दूसरो को नीचा समझेंगे
 । माता जी के मुख से ये बात सुन कर ब्रह्मा जी मूर्छित होकर जमीन पर गिर गए।। बहुत समय उपरांत होश आया ।।
*उपरोक्त कथा आप देवी भागवत पुराण के तीसरे स्कन्द को पढ़कर जान सकते है*  इसमे नोट करने वाली बात यह है कि *देवी दुर्गा जी का शाप खाली नही जा सकता हमे देवी दुर्गा जी पर पूरा विश्वास करके ब्राह्मणों के चंगुल से बाहर निकले और इनके  किसी भी धार्मिक तर्को पर विश्वास नही करे क्योंकि देवी जी के शाप के अनुसार आपको हानि होगी*

बुधवार, 13 जून 2018

श्री मदभागवद गीता जी में भगवान के आदेश व गुप्त रहस्य दर्शन

*श्री मदभागवद गीता जी  में भगवान के आदेश व गुप्त रहस्य दर्शन*
सदगुरुदेवयः नमः 
परमात्मने:नमः

*नोट* =★  1- ब्रह्मा जी , विष्णु जी और शिव जी  पूजा पाठ जप तप आदि से प्रसन्न होकर अपने साधको को दर्शन भी देते है और वरदान भी देते है .
2-  जब श्री कृष्ण जी के पैर में तीर लगा था और पांडव उनसे मिलने द्वारिका आये थे तब अर्जुन के एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि हे अर्जुन तेरे को गीता ज्ञान मैंने नही दिया हम से
(हम त्रिदेवो से ) ऊपर की कोई शक्ति है जिसने मुझे पूरी जिंदगी नचाया है उसी ने आपको वो ज्ञान दिया था ।
3- देवी भागवत पुराण के तीसरे स्कन्ध में  ब्रह्मा जी विष्णु जी और शिव  देवी दुर्गा जी से बात करते हुए खुद कहते है कि  ब्रह्मा जी रजगुण लीला करने वाले रजगुण देवता है ।
विष्णु जी सतोगुणी लीला करने वाले  सतोगुणी देवता है
और शिव जी तमोगुणी लीला करने वाले  तमोगुणी देवता है  और कृमशः जन्म पालन और मृत्यु का मुख्य कार्य देखने और करने वाले मुख्य अधिकारी देवता है ।
-----------------------------
गीता जी मे  कृष्ण जी योगयुक्त होते है और उनमें  उनसे ऊपर की शक्ति मृत्युलोक का स्वामी देवी दुर्गा जी का पति *ब्रह्म* उर्फ काल प्रकट होते है  और अर्जुन से वार्तालाप करते है ।
वार्तालाप के मुख्य अंश -
 हे अर्जुन ! में महाकाल हूँ यहां सभी को खाने के लिए आया हूँ ।  मैं किसी को भी नही छोड़ता सभी को खाता हूं।
 हे अर्जुन ! मैं किसी भी पूजा पाठ जप तप आदि से नही मिलता । मैं केवल अपनी मर्जी से ही किसी को मिलता हूँ ।
है अर्जुन तेरे को मैने अपनी मर्जी से स्नेहवश दर्शन दिए है

हे अर्जुन !  इस मृत्युलोक में हम दो प्रभ है ।
मैं *ब्रह्म* दूसरा *अक्षर ब्रह्म*
 किन्तु  उत्तम परमेश्वर तो *परम अक्षर ब्रह्म* है और वो सनातन लोक में रहता है ।
  हे अर्जुन परम अक्षर ब्रह्म ही  सम्पूर्ण लोको में प्रवेश करके सबका धारण पोषण करता है

हे अर्जुन  यदि तू मेरी भक्ति करना चाहता है तो मेरा एकमात्र मन्त्र ओम का जाप भी कर युद्ध भी कर ।
हे अर्जुन यदि तू वास्त्व में परम शांति चाहता है तो तू भी उसी आदि नारायण अर्थात परम अक्षर ब्रह्म की शरण मे जा मैं भी उसी की शरण मे हूँ
हे अर्जुन उसकी भक्ति का मंत्र *ओम तत सत* है ।।

हे अर्जुन तू सभी धार्मिक क्रियाओ को त्यागकर इस भक्ति को प्राप्त करने के लिए तू तत्त्वदर्शी संत की खोज कर उनको दंडवत प्रणाम कर उनकी सेवा कर वो तुझे परम गोपनीय सत्य का उपदेश  करेंगे जैसा वो कहे वैसा कर ।
हे अर्जुन वो तत्त्वदर्शी संत वेदों को आधार बनाकर यह संसार रूपी पीपल के वृक्ष जिसकी मूल जड़े सनातन लोक में और  वाकी का हिस्सा मृत्युलोक में है इसकी पूरी बिस्तृत जानकारी देगा । मैं तुझको नही बता सकता ।
( वर्तमान में इस गोपनीय रहस्यो को बताने वाले व  ( *परम  अक्षर ब्रह्म की भक्ति बताने वाले एक मात्र तत्त्व दर्शी संत संत रामपाल जी ही है*)
 हे अर्जुन !  प्रकृति दो है
पहली जड़ प्रकृति । दूसरी *चेतन प्रकृति* ।
 ये  चेतन प्रकृति (अष्टांगी दुर्गा) मेरी पत्नी  पत्नी है
 और मैं इसका पति ।
हे अर्जुन ! ये त्रिगुण माया देवताओ  की उत्पत्ति
मेरी पत्नी प्रकृति से जान।
 मेरी त्रिगुण माया देवो ने मेरी विधान से तीनों लोकों में जीवो को बांध रखा है और जीवो की दुर्गति की हुई है । मैं कभी नही चाहता कि कोई भी जीव मेरे मृत्युलोम से पार चला जाये। ये मूर्ख जीव समुदाय इस बात को नही जानता ।

हे अर्जुन !  मेरी त्रिगुण माया द्वारा जिनका ज्ञान हरा जा चुका है वो राक्षस स्वभाव को धारण किये हुए मनुष्यो में नीच मूर्ख अज्ञानी मनुष्य त्रिगुण देवो की भक्ति करते है किंतु मेरी नही करते ।

हे अर्जुन ! ये मूर्ख मनुष्य  पितर भूतो की पूजा करते है तो पितर भूत बन जाते है ।
देवताओ की पूजा करते है तो देवलोक स्वर्ग चले जाते है ।
और मेरी पूजा करने वाले मेरे ब्रह्म लोक जो मृत्युलोक का सबसे ऊपरी लोक है को आ जाते है । *सनातन परमेश्वर कवि: की भक्ति करने वाले सनातन लोक को जाते है*
हे अर्जुन ब्रह्मलोक तक सभी लोक अर्थात सम्पूर्ण मृत्युलोक नाशवान है ।

(अजर अमर तो केवल सनातन लोक ही है)
***************
हे मनुष्यो ! आप सभी सनातन लोक से आई सनातन जीवात्मा हो इसलिए सनातन धर्मी हो ।  सनातन लोक में हमारे सनातन परिजन हमारा इंतजार कर रहे है । सनातन परमेश्वर की भक्ति कर सनातन लोक वापस चले एक मात्र यही सनातन मूल कर्तव्य है । सनातन भक्ति बिधि प्राप्त करने के लिए सभी धार्मिक क्रियाओ को त्यागकर *सनातन सदगुरु तत्त्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की शरण मे आये* और भक्तिविधि व उपदेश प्राप्त कर सनातन लोक चलने की पूर्ण तैयारी करें।
*हे ! अर्जुन भक्ति मार्ग में इसको जानने और करने के बाद और कुछ जानना करना शेष नही रहता।*
 *प्रस्तुति ज्ञान श्रोत  साधना tv पर 7:30  pm पर परम तत्त्वदर्शी संत से प्राप्त ज्ञान आधार* 
 _सनातन भक्ति प्राप्त करने के लिए हेल्प नंबर 9996545400   9992600893*_

*नोट*  _*गीता जी मे भगवान ने अर्जुन को कहा है कि जो भी मनुष्य उपरोक्त सत्य का प्रचार करता है । वो मुझको प्रसन्न करता है।*_
इसलिये ज्यादा से ज्यादा शेयर करे लाइक करे और भगवान को प्रसन्न करे।
*धन्यवाद*

सोमवार, 21 मई 2018

सनातन धर्म के दुश्मन और रक्षक VIP artical

*बहुत कड़वा सच*

ढोंगी पाखंडी दुष्ट राक्षस स्वभाव वाले नकली लोग खुद को हिन्दू सनातन धर्मी कहते है । ये वेदों और गीता जी का नित्य अपमान करते है । भगवान का आदेश गीता जी व वेदों के द्वारा मनुष्यो को प्राप्त है और जो उन आदेशो के अनुसार भक्ति करता है व जीवन यापन करता है वास्तव में वही सनातन धर्मी हिन्दू है अन्य नही । नकली लोग भगवान का आदेश तोड़ते हुए  मांस खाते है शराब पीते है तम्बाखू गुटखा आदि से नशा करते है चोरी ठगी व बेईमानी आदि बुराई करते है और   भक्ति के नाम पर मनमाना आचरण करते और करवाते है ।
ऐसे असुर स्वभाव वाले  सनातन धर्म की खाल में छिपे सनातन धर्म के दुश्मनों को पहचानो और उनका बहिष्कार करो । और सनातन धर्म की रक्षा करो । यदि आपमे भी ऐसे कोई दुर्गुण है तो अभी उनका त्याग करो ।

*वर्तमान में सनातन धर्म का रक्षक कौन है  जो भगवान के आदेशों का पालन कर और करवा रहा है*
आदि सनातन धर्म के एकमात्र रक्षक पोषक परम सदगुरु तत्त्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज  लाखो लोगो की सर्व बुराइया त्याग करवा कर आदी सनातन भक्ति मार्ग पर भगवान के आदेशानुसार लगा चुके है ।
आदि सनातन लोक की सम्पूर्ण जानकारी प्रमाण सहित ज्ञान कराते है । और भक्त साधक को माया से ऊपर उठा कर पूर्ण मुक्ति करा सनातन लोक ले जाते है।
गुरु दीक्षा में ब्रह्म गायत्री मन्त्र प्रदान करते है जिसमे सनातन परमेश्वर के नाम के साथ  गणेश जी ,दुर्गा जी , शिव पार्वती, विष्णु लक्ष्मी , ब्रह्मा सावित्री  जी के गुप्त बीज नाम मन्त्र होते है । इसके जाप करने से उपरोक्त देवता आसानी से साधक के कमलो में सध जाते है और दर्शनों आदि लाभ शुरू हो जाते है। इस  सनातन भक्ति बिधि में किसी भी देव के दर्शन बहुत आसान है ।
इसके बाद दूसरी बार मे सदगुरुदेव  गीता जी व वेदों में वर्णित प्रणव व तत  कोड वर्ड नाम के गुप्त सतनाम रामरसायन प्रदान करते है और तीसरी बार मे   सत नाम का अति गोपनीय  मंत्र देते है  जिसके बारे कहा जाता है असली राम *सत* है  इसकी भक्ति से जीव मुक्त होगा।
आओ जीवो परम सदगुरु तत्त्व दर्शी संत रामपाल जी की शरण मे आकर असली सच्चे सनातन धर्मी बनो और सनातन लोके को चलो ।
*नोट-  नकलियो के षड्यंत्र के तहत टीवी आदि के जरिये आप कोई गलत राय बना चुके है तो कृपया  खुद एक बार अपने आंखों और विवेक से चेक कर ले । ये शरीर कब छूट जाए कोई पता नही  बाद में  धर्मराज के दरबार मे आपको सच पता चला भी तो फिर गलती सुधारने का मौका मिलेगा भी नही*
 सम्पूर्ण सच जानने के लिए
रोज  दोपहर को *श्रद्धा टीवी पर 2 बजे से देखे
और शाम 7:30 बजे से साधना टीवी पर देखे ।,

मंगलवार, 27 मार्च 2018

आओ सनातन लोक चले और इस मृत्युलोक हमेशा के लिए अलविदा कहे




आओ  सनातन लोक चले  और इस मृत्युलोक को हमेशा के लिए अलविदा कहे ।।  न स्वर्ग चाहिए न नरक चाहिए  और न ही किसी भी देवी देवता का लोक चाहिए हमे तो सिर्फ हमारा  मूल सनातन लोक चाहिए।
एक सनातन परमेश्वर हमारा ,  एक  सनातन लोक हमारा , वहां वापस जाने का एकहि  भक्ति बिधि  हमारे लिए ,
जिसे अपनाकर हम  यहां से मुक्ति के और सनातन लोक के अधिकारी बनेंगे ।


गीता जी का आदेश है कि पूर्ण तत्त्व दर्शी संत से मूल ज्ञान रूपी सस्त्र से  माया द्वारा फैलाये अज्ञान  को काट कर    नए मर्यादित जीवनन  को धारण कर
  ब्रह्म गायत्री मंत्र से देवताओ को साध कर ओम तत और सत मन्त्रो से परमेश्वर की भक्ति करे
 इस तीन प्रकार से तत्वदर्शी संत रामपाल जी से  पूर्ण भक्ति बिधि प्राप्त कर मृत्युलोक से हमेशा मुक्त हो सनातन लोक को जाए ।। जय हो आदि राम की ।  देखे प्रतिदिन शाम 7:30 से 8:30  साधना tv पर
jagatgururampalji.org

गुरुवार, 22 मार्च 2018

जानिए वो सच जिसे मीडिया ने और सरकार ने आपसे छुपाया । क्लिक करे


जानिए वो सच जिसे मीडिया ने और सरकार ने आपसे छुपाया । जिसकी सीबीआई जांच कीआंग से सरकार और मीडिया और कुछ भ्रष्ट जज डरते है ।
इस लिंक को क्लिक करे और देखे
लिंक 👉करोथा और बरवाला काड का सच।।

गुरुवार, 15 मार्च 2018

आपकी 101 पीढ़ी का मोक्ष पक्का है देखें इस वीडियो में।

https://youtu.be/gbJMWbjJPZU                                            _______________________________
!             ⛳⛳⛳⛳⛳           !
            *वह मन्त्र जिसको पाने       के लिए लाखों ऋषि मुनि हज़ारों वर्षों तक तपस्या कर    करके मर         गए                                        पर उसकी प्राप्ति नही हुई वह मन्त्र का खुलासा संत रामपाल जी ने किया है और।                            जिससे आपकी 101 पीढ़ी का मोक्ष पक्का है देखें इस वीडियो में।*

   पूरे विश्व मे हर इंसान तक यह वीडियो
        पहुँचा दो ताकि सबको अपना कल्याण का रास्ता पता चल जाएगा।
    https://youtu.be/gbJMWbjJPZU          🕯🕯🕯🕯🕯🕯

👆👆👆👆👆👆
       *इस वीडियो को सबको दिखाओ*
 
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*वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें*
  *वीडियो पर लाइक, कमेंट जरुर करें*
                   📝⌨💜 
              🙏 🙏
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*Note : आगे forward करना न भूलें।*

बुधवार, 14 मार्च 2018

सावधान 🚨सावधान 🚨सावधान ""अंध श्रद्धा भक्ति खतरा-ए-जान""👇👇 **

सावधान 🚨सावधान 🚨सावधान
 ""अंध श्रद्धा भक्ति खतरा-ए-जान""👇👇
 ** http://www.jagatgururampalji.org/click.php?id=9 **
⭐ स्टार मार्क लगा दे क्लिक करके और 5 -- 7 मिनट निकाल कर कृपया पूरा पढ़ें🌺🌷
"""""परमात्मा का संदेश ✉"""""
कहीं आप भी मृत्यु के बाद  यह मत कहना कि भगवान हमें पता नहीं चला  या किसी ने बताया नहीं की भक्ति भी करनी चाहिए  या कैसे करनी चाहिए 🔊
परमात्मा हर युग में आते हैं या अपने संतों को भेजते हैं और अपना ज्ञान बताते हैं | कुछ उन्हें पहचान लेते हैं उनके ज्ञान से और अपना कल्याण करवाते हैं | इस समय भी धरती पर पूर्ण संत मौजूद हैं और यह भक्ति का समय चल रहा है
इसलिए ज्ञान विचार कर अपने शास्त्रों 📚को समझें और इस मनुष्य जीवन के मूल उद्देश्य को पूरा करें | यदि फिर भी आप परमात्मा के ज्ञानको ना समझ पाए तो इसके लिए परमात्मा जिम्मेवार नहीं होगा हम खुद  दोषी होंगे
»»»»सर्व ग्रंथों में प्रमाण है,कबीर जी ही भगवन हैं।|««««
*************100%**************
ऋग्वेद मण्डल नं 9 सूक्त 96 मंत्र 17
ऋग्वेद मण्डल नं 9 सूक्त 96 मंत्र 18
ऋग्वेद मण्डल नं 9 सूक्त 96 मंत्र 19
ऋग्वेद मण्डल नं 9 सूक्त 96 मंत्र 20
ऋग्वेद मण्डल नं 10 सूक्त 90 मंत्र 3
ऋग्वेद मण्डल नं 10 सूक्त 90 मंत्र 4
ऋग्वेद मण्डल नं 10 सूक्त 90 मंत्र 5
ऋग्वेद मण्डल नं 10 सूक्त 90 मंत्र 15
ऋग्वेद मण्डल नं 10 सूक्त 90 मंत्र 16
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यजुर्वेद अध्याय 19 मंत्र 26
यजुर्वेद अध्याय 19 मंत्र 30
यजुर्वेद अध्याय 29 मंत्र 25
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सामवेद संख्या नं 359 अध्याय 4 खण्ड 25 श्लोक 8
सामवेद संख्या नं1400 उतार्चिक अध्याय 12 खण्ड 3 श्लोक 5
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अथर्ववेद काण्ड नं 4 अनुवाक नं 1 मंत्र 1
अथर्ववेद काण्ड नं 4 अनुवाक नं 1 मंत्र 2
अथर्ववेद काण्ड नं 4 अनुवाक नं 1 मंत्र 3
अथर्ववेद काण्ड नं 4 अनुवाक नं 1 मंत्र 4
अथर्ववेद काण्ड नं 4 अनुवाक नं 1 मंत्र 5,6,7
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""""""""श्रीमद्भागवतगीता में प्रमाण""""""""
अध्याय 8 श्लोक 9
अध्याय 15 श्लोक 17
अध्याय 18 श्लोक 62,66
**********************
""""""""क़ुरान शरीफ में प्रमाण""""""""
सूरत फुर्कानि 25 आयत 52 से 59
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""""गुरु ग्रंथ साहिब में प्रमाण""""
गुरुग्रंथ साहिब पृष्ठ नं 721 महला 1
गुरुग्रंथ साहिब के राग "सिरी"महला 1 पृष्ठ नं 24
गुरुग्रंथ साहिब राग आसावरी,महला 1 पृष्ठ नं 350,352,353,414,439,463,465
**************************************
"""""संतो की वाणी में प्रमाण"""""
"कबीर परमेश्वर जी"

ए स्वामी सृष्टा मैं, सृष्टि हमारे तीर।
दास गरीब अधर बसूं, अविगत सत्य कबीर।।

सोलह संख पर हमारा तकिया,हम गगन मण्डल के जिन्दा।
हुक्म हिसाबी हम चल आये,कटान यम के फंदा।।
हम है सत्यलोक के वासी,दास कहाये प्रगट भये काशी।
नहीं बाप ना माता जाये, अविगत से हम चल आये।।
******************************************
""""""गुरु नानक जी"""""'

यक् अर्ज गुफ्तम् पेश तो दर गोस कून करतार्।
हक्का(सत्त)कबीर करीम तू बेएब परवरदीगार।।
फाई सुरत मलूकी वेश, ओह ठगवाड़ा ठग्गी देश ||
खरा सयाणा बहुता भार, धानक (जुलाहा) रूप रहा करतार ||
************************************ """""""संत दादू दास जी"""""""

कबीर कर्ता आप हैं,दूजा नाहिं कोए।
दादू पूरण जगत को,भक्ति दृढावत सोए।।
अबही तेरी सब मिटे, जन्म मरण की पीर।
स्वांस उस्वांस सुमिरले, दादू नाम कबीर।।
********************************
""""""""संत गरीबदास जी""""""'"

अनंत कोटि ब्रह्मण्ड का,एक रति नहीं भार।
सतगुरु पुरुष कबीर हैं,कुल के सृजनहार।।
अनंत कोटि ब्रह्माण्ड में बंदी छोड़ कहाये।
सो तो एक कबीर हैं जननी जने न माये।।
********************************
*बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज जी की जय*
**सत् साहेब जी**

हमारा मूल कर्तब्य इस मृत्युलोक रूपी जेल से मुक्त हो हमेशा के लिए सनातन लोक जाना

"""छःसौ वर्ष बाद वही ईतिहास दोहराने की कोशिश"""
#छःसौ वर्ष पहले भी जब कबीर #परमेश्वर जी हमें निज धाम सतलोक ले जाने के लिये आये थे तो उस वक्त भी उनको बहुत संघर्ष करना पड़ा था पाखंडी #पंडितो ओर #मुल्ला #काजियो ने #कबीर_परमात्मा का बहुत विरोध किया उन्हे झूठा बदनाम किया उन्हे यहां तक की उन्हे खत्म करने के लिये सभी प्रयास किये तोप से उड़ाने की कोशिश, भूखे शेर के पिंजरे में डाला, हाथी से कुचलना चाहा तो कभी गंगा में डुबोना चाहा, उबलते गर्म तेल की कड़ाई में डाला लेकिन वो दुष्ट लोग #अविनाशी #कबीर #परमात्मा का कुछ नही बिगाड़ पाये वो चाहते तो क्षण भर में सबको सबक सिखा सकते थे लेकिन उन्होने ऐसा नही किया परमात्मा कहते है यह सब मेरी ही आत्माये है यह भटके हुऐ है कयोकी बच्चे जितने मर्जी बुरे हो जाये लेकिन मां बाप कभी गलत नही हो सकता ईसलिये परमात्मा उनके जैसा नही बन सकता बल्कि हमे सीधे मार्ग पर लाने लिये हर कष्ट को सहन किये लेकिन हम नीच लोग फिर भी परमात्मा को पहचान नही पाये ओर वो 120 वर्ष लीला करने के बाद #मगहर से #स्हशरीर वापिस #सतलोक चले गये ओर हम आज तक ईस गंदे लोक में भटक रहे है यह हमारी उसी गलती की सजा है .
अब छःसौ वर्षो बाद परमात्मा पुनः आये है फिर वही लीला कर रहे है ओर हमारे लिये बहुत जुल्म सह रहे है दूसरी बार जेल चले गये  लेकिन हम नीच फिर वही गलती दोहराने की राह पर चल रहे है लेकिन ईस बार यह अंतिम मौका है.
गरीब, यह चूक !
धूरो दूर !!
अबकि चूक गये तो पता नही काल कहां पटकेगा लख-चौरासी के फेर में कुत्ते गधे सुअर बनकर यहीं धक्के खाते रहेंगे. पिछली गलती को न दोहराये ईसलिये भक्त समाज से निवेदन है की संत रामपाल जी को पहचानो उनके वचनो को सुनो फिर अपने विवेक से निर्णय करो की संत रामपाल जी कया है ऐसे ही किसी कही सुनी बातो पर विश्वास करके संत रामपाल जी को बुरा न समझे वो सबका कल्याण करने के लिये आये है यह सुनहरा अवसर है संत रामपाल जी की शरण में आओ ओर अपना कल्याण करवाओ .
मानुष जीवन दुर्लभ है, मिले न बारम्बार !
जैसे तरूवर से पत्ता टूट गिरे, बहुर लगे न डार !!

सत् साहेब,

सोमवार, 12 मार्च 2018

हे जीवात्माओं , इस मृत्युलोक की मूर्खता से बाहर निकलो देखो परमेश्वर ने तुमको अपने सनातन लोक वापस बुलाने अपना अंश भेज दिया है पहचानो उसको

हे जीवात्माओं , इस मृत्युलोक की मूर्खता से बाहर निकलो देखो परमेश्वर ने तुमको अपने सनातन लोक वापस बुलाने अपना अंश भेज दिया है पहचानो उसको । यदि इस बार आपने गफलत की तो हो सकता है ये मौका आपको कई युगों तक न मिले । क्योंकि आप माया और माया पति काल ब्रह्म के कैदी हो ये नही चाहता आप यहां से सारा सच जान कर भक्ति कर मुक्त हो सतलोक अर्थात सनातन लोक जाए इसलिए इसने सभी जीवों की दुर्गति की हुई है और आपको भक्ति लायक नही छोड़ा है और जो भी आप भक्ति कर रहे हो वो नकली है मुक्ति दायक नही। हे जीवात्माओं । आपको उलझने इस माया ने आपको कई पंथो में , कई धर्मो में , के भाषाओ में , कई गुटो में आपको बांट दिया । और तरह की गलत आदते आपको डाल दी । है जीवात्माओं ! आप हमेशा भगवान को , परमेश्वर को दोष देते हो । किन्तु आप ये बताओ कि आप भगवान की , परमेश्वर की कितनी बात सुनते हो और पालन करते हो कि जो वो आपकी सुने । गीता जी मे भगवान ने ब्रत रखने को मना किया है । सभी मनमाने आचरण धार्मिक क्रियाओ को त्यागकर एक परमेश्वर की शरण मे आकर परमेश्वर के तत्त्व दर्शी संत के माध्यम से भक्ति करने का आदेश है ।। लेकिन ये क्या आप ब्रत रख कर भगवान का आदेश तोड़ते हो । दुर्गति तो होगी ही। भक्ति के नाम तरह तरह से मनमाना आचरण धार्मिक क्रियाये कर भगवान की आप अनादर ही करते हो । आप कहोगे की नही हम मनमाना आचरण नही करते हम तो ब्राह्मणों से पूछ कर करते है । याद रखो भगवान के आदेशो के विपरीत है तो तो कोई भी कुछ कहे है मनमाना आचरण ही। और हां सुनो पवित्र देवी भागवत पुराण के तीसरे स्कन्ध में एक प्रकरण है कि देवी दुर्गा जी ने ब्रह्मा जी को शाप दिया है कि तेरे वंशज ब्राह्मण झूट बोलेंगे और संसार का नाश करेंगे । इसलिए इन कथित शापित ब्राह्मणों से साबधान ।। आपको सम्पूर्ण कड़वी सच्चाई बताने गुप्त सनातन भक्ति प्रदान करने परमेश्वर ने अपना अंश संत रामपाल जी को हमारे बीच भेज दिया है । आओ ब्रह्म गायत्री व प्रणव तत सत गोपनीय मन्त्र ब भक्ति प्राप्त करो ।। साधना tv रोज शाम 7:30 से 8:30 तक देखे वेबसाइट jagatgururampalji.org पर विजिट करे और सम्पूर्ण ब्रह्म ज्ञान कराने वाली पवित्र पुस्तके प्राप्त करे

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शनिवार, 10 मार्च 2018

श्रीदेवी की आकस्मिक मृत्यु ने एक विचार को जन्म दिया की ईश्वर के दिये हुए इस शरीर को नकारो मत!अपने आप को स्वीकारो? पढ़िये ज्ञानवर्धक पूरी पोस्ट

श्रीदेवी की आकस्मिक मृत्यु ने एक विचार को जन्म दिया की ईश्वर के दिये हुए इस शरीर को नकारो मत!अपने आप को स्वीकारो?

श्रीदेवी अपने समय की टॉप हीरोइन रही हैं और वो भी बिना प्लास्टिक सर्जरी के।
फिर 50 पार करके उन्हें अचानक 20 साल का दिखने की धुन सवार हो गई। उसके चलते उन्होंने ढेरों सर्जरी करवाई। gym, योग, डाइटिंग कुछ भी नही छोड़ा।

ये सब उन्होंने स्वस्थ रहने के लिए नही बल्कि जवान दिखने के लिए किया। शरीर पर हर तरह के अत्याचार किये। तो एक दिन शरीर ने उन्हें धोखा दे दिया।

हमारे समाज मे स्त्रियों को सुंदर व जवान दिखने पर बहुत जोर है। क्योकि साधारण दिखने पर शायद उन्हें वो स्थान नही मिल पाता।

सुंदरता बेचने के नाम पर गली गली में ब्यूटी पार्लर भरे हैं। आपके सारे शरीर को तरह तरह के केमिकल्स से लबरेज़ करके आपको सुंदर बनाने का आश्वासन दिया जाता है। 20 तरह के facial बताये जाते हैं। 25 तरह के spa।


गाहे बगाहे शौक पूरा करके समझ आया कि ये सब मार्केटिंग का ड्रामा है क्योंकि ज्यादातर ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिलाएं खुद मोटी और भद्दी दिखती हैं तो वो मुझे क्या सुंदर बनायेंगी।

सुंदर दिखने का अधिकार हर स्त्री को है लेकिन बाहर की सुंदरता के साथ यदि अंदर की सुंदरता पर भी ध्यान दें तो आप और भी खूबसूरत हो सकते है।

सिर्फ पतला होना ही स्वास्थ्य की निशानी नही है क्योंकि बहुत से मोटे लोग उम्र पूरी करके जाते हैं और पतले लोग समय से पहले ।

अपने को बढ़ती उम्र के साथ स्वीकारना एक तनावमुक्त जीवन देता है। हर उम्र एक अलग तरह की खूबसूरती लेकर आती है उसका आनंद लीजिये।

, वज़न कम रखना है तो रखिये, मनचाहे कपड़े पहनने है तो पहनिए,बच्चों की तरह खिलखिलाइये, अच्छा सोचिये, अच्छा माहौल रखिये, शीशे में दिखते हुए अपने अस्तित्व को स्वीकारिये।

कोई भी क्रीम आपको गोरा नही बनाती, कोई शैम्पू बाल झड़ने नही रोकता,कोई तेल बाल नही उगाता, कोई साबुन आपको बच्चों जैसी स्किन नही देता। चाहे वो प्रॉक्टर गैम्बल हो या पतंजलि।सब सामान बेचने के लिए झूठ बोलते हैं। ये सब कुदरती होता है। उम्र बढ़ने पर त्वचा से लेकर बॉलों तक मे बदलाव आता है। पुरानी मशीन को maintain करके बढ़िया चला तो सकते हैं उसे नई नही कर सकते।ना किसी टूथपेस्ट में नमक होता है ना किसी मे नीम। किसी क्रीम में केसर नही होती क्योंकी 2 ग्राम केसर भी 500 रुपए से कम की नही होती।

lux की बनियान साधारण बनियान से इसलिये महंगी है क्योंकी उसमे विज्ञापन के लिए सनी देओल और अक्षय कुमार होते हैं। और वो लक्स नही calvin cline या पियरे कार्डिन पहनते हैं।
करीना कपूर कभी लक्स साबुन से नही नहाती और अमिताभ बच्चन लाल तेल नही लगाता।

कोई बात नही अगर आपकी नाक मोटी है तो,
कोई बात नही आपकी आंखें छोटी हैं तो,
कोई बात नही अगर आप गोरे नही हैं
या आपके होंठों की shape perfect नही हैं....

फिर भी हम सुंदर हैं, अपनी सुंदरता को पहचानिए। दूसरों से कमेंट या वाह वाही लूटने के लिए सुंदर दिखने से ज्यादा ज़रूरी है अपनी सुंदरता को महसूस करना।

हर बच्चा सुंदर इसलिये दिखता है कि वो छल कपट से परे मासूम होता है और बडे होने पर जब हम छल व कपट से जीवन जीने लगते है तो वो मासूमियत खो देते हैं। और उस सुंदरता को पैसे खर्च करके खरीदने का प्रयास करते हैं।

हमारी महिलायें दिन रात पार्लर के चक्कर काटती रहती हैं सुंदर दिखने के प्रयास में... लेकिन क्या ये प्रेशर उनके पति,घरवालों या boyfriends की ओर से आता है?साधारण दिखने वाली लड़कियों की शादी नही होती, सांवली लड़कियों को उपेक्षा झेलनी पड़ती है,मोटी लड़कियों पर पतले होने का दबाव होता है। इस प्रेशर के चलते उन्हें chemicals और दवाओं का सहारा लेना पड़ता हैं।

क्यों अभी भी हमारे समाज मे मन की खूबसूरती पर ध्यान नही जाता?

हमारे पुरुष वर्ग का ये कर्तव्य है कि अपने परिवार महिलाओ को ये प्रेशर देना छोड़ दें। अपनी पत्नी, बेटी, बहन को ये अहसास दिलायें की वो प्राकृतिक रूप से सुंदर हैं वरना वो केमिकल्स का सहारा लेकर अपना स्वास्थ्य खराब कर लेंगी।

थोड़ा बहुत चलता है लेकिन सुंदर दिखने की चाह में कुछ भी कर गुज़रना आपकी जान ले सकता है।

आजकल युवा लड़के बॉडी बनाने की धुन में पागल रहते है ये असर है उन फ़िल्म स्टारों और मॉडल्स का जिससे ये युवा सोचते हैं कि वो अपने चहेते हीरो जैसी बॉडी बना कर हीरो जैसे दिखेंगे।

आपको शायद पता नही की एक भी हीरो naturally बॉडी नही बनाता। इनके पीछे बहुत सी प्लास्टिक सर्जरी, steroids implants, lyposuctions, body contouring का हाथ होता है। आपरेशन से 6 pack बनवाते हैँ, चेहरे पर सर्जरी करवाते हैं, बाल उगवाते हैं, मांसपेशियों में सिलिकॉन भरवाते हैं और ये सब वो इसलिते करते हैं क्योंकि उन्हें इन सबका पैसा मिलता है। स्क्रीन पर सुंदर दिखना उनके धंधे की मजबूरी है उसके लिये वो शरीर से भी खेलते हैं वरना उन्हें कोई काम नही देगा।

लेकिन आम जीवन मे हमे बॉडी दिखाने के पैसे नही मिलते काम करने के पैसे मिलते हैं तो हम हीरो जैसे दिखने से अच्छा है अपने काम मे हुनर दिखायें ।हमारी तरक्की तो उसी से होगी।

ये फ़िल्म स्टारों और मॉडल जैसा दिखने की चाह में हमारा समाज एक प्रेशर में जी रहा है।

पेट निकल गया तो कोई बात नही उसके लिए शर्माना ज़रूरी नही । आपका शरीर आपकी उम्र के साथ बदलता है तो वज़न भी उसी हिसाब से घटता बढ़ता है उसे समझिये।

सारा इंटरनेट और सोशल मीडिया तरह तरह के उपदेशों से भरा रहता है
ये खाओ,वो मत खाओ
ठंडा खाओ गर्म पीओ
कपाल भांती करो, पॉवर योगा करो
सवेरे निम्बू पीओ ,रात को दूध पीओ
ज़ोर से सांस लो, लंबी सांस लो
दाहिने से सोइये बाये से उठिए
हरी सब्जी खाओ, सब्जियी में हारमोन है
दाल में प्रोटीन है,दाल से स्वास्थ्य ठीक हो जायेगा

अगर पूरे एक दिन सारे उपदेशों को पढ़ने लगें तो पता चलेगा ये ज़िन्दगी बेकार है ना कुछ खाने को बचेगा ना कुछ जीने को!!आप डिप्रेस्ड हो जायेंगे।

ये सारा ऑर्गेनिक ,एलोवेरा, करेला,मेथी ,पतंजलि में फंसकर दिमाग का दही हो जाता है। स्वस्थ होना तो दूर स्ट्रेस हो जाता है।

अरे! कभी ना कभी तो मरना है अभी तक बाज़ार में अमृत बिकना शुरू नही हुआ।

हाँ एक जगह अमृत है वह है हमारे वेदों पुराणों व गीता मे।उस अमृत को चखने के लियें आप खोज बीन करिये सच्चे मार्गदर्शक की तलाश करिये ।

हर चीज़ सही मात्रा में खाइये, हर वो चीज़ थोड़ी थोड़ी जो आपको अच्छी लगती है।

थोड़ा बहुत शारीरिक कार्य करते रहिये काम करते हुये भगवान का भजन भी करते रहिये ।

अगर पैसे से सुंदरता व जीवन खरीद लिया जाता तो कोई बड़ा आदमी इस दुनिया से ना जाता और हर अमीर आदमी सुंदर होता।

अगर आपको निरोग होना है तो उन मन्त्रों का जाप करिये जो शास्त्रों में वर्णित है।वेद पुराण गीता का सच्चा ज्ञान हासिल कीजिये ।

आप चाहते है कि आपकी कभी मृत्यु ना हो तो काल भगवान का ऋण चुकाकर सतलोक चलिये जहाँ जन्म मृत्यु है ही नहीं

कैसे पहुँचेगे सतलोक उसके लिये निम्न लिंक में दिया सत्संग अवश्य सुनिए ।
👇👇👇👇👇👇👇👇
https://youtu.be/Z-pr6tXrOnI
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🙏 *वेदों गीता व पुराणों में मौजूद है सृष्टि रचना का ज्ञान* 🌈


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👆सृष्टि रचना 🌈


सौजन्य से

🔥पाखन्डवाद बनाम यथार्थवाद🔥

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शुक्रवार, 9 मार्च 2018

इच्छा मृत्यु नही परम संत रामपाल जी की शरण ग्रहण कीजिये असाध्य बीमारियों से भी मुक्ति मिलेगी

 हमारे पवित्र वेद गवाही दे रहे है कि परम अक्षर ब्रह्म परमेश्वर कवीर अपनी शरण आये भक्तो के घोर से भी घोर पापो और कष्टों को मिटा देता है और आयु को भी सौ सौ वर्ष  बढ़ा देता है । सभी बंधनो से मुक्त करा सदैव के लिए सनातन लोक का स्थायी निवासी बनाता है । सभी जीवों को केवल कवीर परमेश्वर की भक्ति करनी चाहिए।
त्रिगुण माया से भ्रमित जीवो को पूर्ण सच्चाई बताने वह पूर्ण परमेश्वर परमात्मा कवीर सनातन लोक से चलकर शिशु रूप धारण कर पवित्र सरोवर में कमल के फूल पर आकर विराजमान होते है और उसकी इच्छा से निः संतान दंपत्ति उसको उठा कर ले जाते है और कुवारी गाय के दूध से उसके पालन पोशनकी लीला पूरी होती है । और वो कविताओं के माध्यम से गा गा कर सच्चाई बता जाता है। मूर्ख संसार उनको केवल एक महान समाज सुधारक कवि मानकर रह जाता है ।
और उनको पहचानने वाले ज्ञानी जीव उसकी शरण मे अपना कल्याण करा लेते है । सशरीर आता है और सशरीर चला जाता है।
600 वर्ष पूर्व काशी में परमेश्वर कवीर जी आये और 64 लाख जीवो को शरण लिया । और उन्होंने गुरु परंपरा शुरू की
उसी क्रम में  संत रामपाल जी को हमारे दादा गुरु जी संत रामदेवानंद जी ने गुरु पदवी का भार सौंपा। जिससे  कवीर परमेश्वर की पावर संत रामपाल की के माध्यम से जीवो का कल्याण कर रही है । आप भी आये और सारी सच्चाई प्रमाण सहित जाने और मूल भक्ति प्राप्त कर सतलोक के अधिकारी बने ।
 साधना tv पर प्रतिदि दिन शाम को 7:30pm से 8:30pm तक रोज देखे सच्चाई ।
वेबसाइट से पुस्तके फ्री डाउनलोड करें
www.jagatgururampalji.org








गुरुवार, 8 मार्च 2018

देश के सभी भाई बन्धुओं से एक अपील है ।* "कि जागो और सवाल करो इन देश के पाखंडी धर्मगुरुओ से"

*सत् साहेब जी*

*देश के सभी भाई बन्धुओं से एक अपील है ।*

"कि जागो और सवाल करो इन देश के पाखंडी धर्मगुरुओ से"

जो इन बिकाऊ मीडिया चैनलों पर दिन रात पागलों की तरह सुनी सुनाई बाते भोंकते रहते है जिनकी बातो का ना कोई सार है ना सारांश।

प्रश्न-1 👉 पूछो इन पाखंडियो से जब द्वापर युग में वेदव्यास सहित सभी ऋषि मुनियों ने राजा परीक्षित को ये कहकर भगवत की कथा सुनाने से इनकार कर दिया था कि हम ये कथा सुनाने के अधिकारी नहीं है तो फिर इस कलयुग में तुम्हे किसने भागवत और रामायण का पाठ करने का लाइसेंस दे दिया।

प्रश्न 2 👉पूछो इन पाखंडियो से जब तुम्हारे तीनो भगवान् ब्रह्मा विष्णु महेश स्वयं कह रहे है कि हमारी जन्म और मृत्यु होती है यानी नाशवान है हम पूर्ण भगवान् नहीं है, तो फिर पूर्ण परमात्मा कौन है,कैसा है,कहां रहता है और कैसे मिलता है!

*आपको ढुढ़ने का संकेत (श्री मद् देवी भागवत देवी पुराण 6 वां अध्याय, तीसरा स्कन्द, पेज नंबर 123)*

प्रश्न 3 👉पूछो इन पाखंडियो से जब भगवद् गीता जी मना कर रही है कि व्रत करने वाले, श्राद्ध निकालने वाले और देवी देवताओं की पूजा करने वालो को ना कोई सुख होता है ना ही मरने पर उनकी गति (मोक्ष) होती है।

*संकेत( 6 वां अध्याय 16 वां श्लोक)*

प्रश्न 4👉पूछो इन पाखंडियो से जिन 33 करोड़ देवी देवताओ को श्री लंका के राजा रावण ने अपनी कैद में डाल रखा था फिर क्यों सदियों से हमसे ये ऋषिवर बेबस देवी देवता को पूजवाते आ रहे हैं।

प्रश्न 5👉पूछो इन पाखंडियो से जब स्वर्ग के राजा इंद्र ने रावण पर हमला करके उसे न हराने पर व अपने आपको बचाने के लिए अपनी पुत्री की शादी रावण के बेटे मेघनाथ से करके अपने प्राणों की रक्षा की।

तो फिर किसलिए ये हमें मारने के बाद स्वर्ग भेजने की बात करते हैं।(क्योकिं इन्द्र राजा खुद स्वर्ग में अपनी रक्षा नही कर सका ।तो हम तुच्छ जीव वहाँ कैसे रह सकते है)

प्रश्न 6👉पूछो इन पाखंडियो से जब दशरथ पुत्र रामचंद्र का जन्म त्रेतायुग में हुआ था तो फिर सतयुग के लोग कौनसे राम की भक्ति करते थे।

प्रश्न 7👉पूछो इन पाखंडियो से श्री कृष्ण का जन्म आज से 5500 वर्ष पहले द्वापर युग में हुआ था । जबकि त्रेता व् सतयुग के इंसान तो जानते भी नहीं थे कि कृष्ण कौन है !

तो फिर ये कृष्ण को पूर्ण भगवान् कैसे माने हुए है !

प्रश्न 8👉पूछो इन पाखंडियो से ये कहते है कि वेदों में भगवान् की महिमा का वर्णन है।
तो फिर वेदों में कबीर (कविर्देव) के अलावा 33 करोड़ देवी देवताओ जैसे  राम, कृष्ण, व् ब्रह्मा विष्णु महेश दुर्गा किसी का भी नाम तक क्यों नहीं है!

प्रश्न 9👉पूछो इन पाखंडियो से गीता जी अध्याय नंबर 11 के श्लोक 32 मे श्री कृष्ण जी कहते है की अर्जुन मैं काल हुं और सबको खाने आया हुं । श्री कृष्ण अपने को काल कह रहा है फिर ये पाखंडी उसे जबरदस्ती भगवान् क्यों बना रहे है।

और भी ना जाने कितने सवाल है  जिनके जवाब इनके पास नहीं है।

अब तक तो आपजी भी समझ चुके होंगे कि ये हांडी पाके संत रामपाल जी के सामने आकर ज्ञान चर्चा करने की क्यों इनकी हिम्मत नहीं होती है।क्योकिं इनके पास पाखंड के अलावा कुछ भी नही है

आपजी इन पाखंडियो से पूछेंगे या नहीं, ये तो आपका अपना फैसला होगा।

लेकिन हिन्दुस्तान का नागरिक होने के नाते मैं आपसे पूछता हुं। यदि आपजी ने अब भी विचार नहीं किया तो आप पढ़कर भी अनपढ़ रहे।

इस शिक्षा से कमाया हुआ धन आपके साथ कभी नहीं जायेगा लेकिन पूर्ण संत की शरण लेकर कमाया हुआ भक्तिरुपी धन कई गुना होकर आपजी के साथ जायेगा।

जब पृथ्वी पर पूर्ण संत आ ही चुका है तो मत फंसो इन पाखंडियो के जाल में यदि फंसे हुए हो तुरंत निकल जाओ वहां से वरना ये स्वयं तो नर्क में जायेंगे ही जायेंगे तुम्हे भी साथ लेकर जायेंगे। और तुम्हारे बच्चों को भी तैयार कर जायेंगे नर्क मे जाने के लिए ।

यदि संत रामपाल जी को जेल में देखकर आप जी को अभी भी शंका हो तो याद करलो त्रेता में रामचंद्र को भी 14 वर्ष तक जेल काटनी पड़ी थी।
सीता जी को भी 12 वर्ष तक भूखी प्यासी रावण की जेल काटनी पड़ी थी।
द्वापर में श्री कृष्ण का तो जन्म ही जेल में हुआ था।
यदि आप इसे उनकी लीला कहते हो तो कोई बड़ी बात नहीं आने वाले समय में संत रामपाल जी का भी इतिहास बन जायेगा। लेकिन उनके चले जाने के बाद उनके आश्रमो में वे नहीं मिलेंगे केवल पश्चाताप मिलेगा।
लेकिन अभी समय है। जाग जाओ औरों को भी जगाओ भगवान् आएगा तो कोई दो सींग लगाकर तो आएगा नही जो अलग ही दिखाई दे। उसे ज्ञान के आधार से पहचानने के लिए ही तो आज आपजी को उस मालिक ने शिक्षित किया है।

🙏🙏 अतः आपसे पुनःप्रार्थना है कि आप चिंतन अवश्य कीजिये व दुसरों को भी इस मैसेज के माध्यम से इन पाखंडियो के पाखंड से सचेत करने की कोशिश कीजिये।...

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*प्रतिदिन शाम को 7:40 से 8:40 तक अवश्य देखिये साधना चैनल पर संत रामपाल जी महाराज के मंगल प्रवचन ।*

*सत् साहेब*

सोमवार, 5 मार्च 2018

क्या आप अपने जीवन का स्कोर जानना चाहेंगे । आइये हमारे इस पोस्ट पर

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क्या आप जानते है ?


कि आपका सिबिल स्कोर क्या है, जरूर जानते होंगे !

लेकिन आप जानते है कि आपका लाईफ स्कोर क्या है ।

आप पूछेंगे ये क्या होता है ?

अगर मै आप से पुछु की आपके जीवन का लक्ष क्या है ?

क्या आप इस जन्म के बाद अभी आप जहां है वहीं रहना चाहते है की इससे नीचे की ओर जाना , कि ऊपर की ओर ?

तो आपका जबाब होगा हर कोई उपर की ओर ही जाना चाहता है ।

लेकीन आप उपर की तरफ जाने के क्या प्रयास कर रहे हो ।

यहां पर आपके द्वारा अर्जित किया गया धन संपत्ति काम नहीं आता । यहां तो केवल आपके द्वारा किए गए कर्मो कि ही गणना की जाती है ।

इसे वेद में कर्म फल का सिद्धांत कहा जाता है ।

यानी कि आपने अपने लाइफ में ५०% अच्छे कार्य किए और ५० % बुरे, तो कर्म फल के सिद्धांत के अनुसार आप मरने के बाद मनुष्य योनि पाने के हकदार है किन्तु आपका जन्म एक निम्न वर्ग परिवार में होगा, यानी कि मजदूर , चपरासी आदि परिवारों में ही जन्म मिलेगा । अगर आप अपना स्कोर ६०* ७०% तक कर लेते हो तो आपका जन्म धनाढ्य परिवार में होगा, अगर स्कोर ८०*९०% तक कर लेते हो तो आपका जन्म राजा के घर में मिलेगा । अगर आप सच्ची भक्ति के साथ स्कोर १००% कर लेते है तो आप सनातन लोक  अर्थात पूर्ण मोक्ष पा जाएंगे ।

चलिए यहां तक तो आप समझ लिए ।

परंतु अगर आपका स्कोर ५०% से कम रहा तो आप नीचे के योनियों में डाल दिए जाएंगे । जैसे जानवर, पशु, पक्षी, पेड़, पौधे,जलचर आदि ।

यहां तक तो ठीक है,लेकिन आपका स्कोर अगर माइनस में चला गया तो ?

यह नरक जैसा है, बैल घोड़ा गधा तो बनोगे लेकिन केवल इतने से काम नहीं चलेगा मालिक पिछवाड़े पर चाबुक भी बजाता रहेगा ।

स्कोर माइनस में क्यों जाता है ? जब इंसान चोरी हत्या पाप करता है, अपने स्वाद के लिए किसी की हत्या करता है,मिलावट जमाखोरी कम तोलना,झूठ बोलना,किसी के बारे में बुरा सोचना, तो तेजी से हमारा स्कोर घटने लगता है ।

ये विचार मेरे नहीं है, अपितु ये वेदों से लिए गए है ।

इस पर जरूर गौर करे,क्या जरूरी है सिबिल स्कोर या लाईफ स्कोर ?

वैसे आप अगर लाईफ स्कोर समझ गए तो सिबिल स्कोर तो कभी खराब ही नहीं होगा

प्रतिहर शाम

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शनिवार, 3 मार्च 2018

supreme GOD has come in north india

SupremeGod created the world in 6 days and 7th days sat on his throne, that Supreme God as Sant Rampal Ji to tell the whole truth to be kind to their children has appeared in India,  visit on this website www.jagatgururampalji.org  for  full knowledge in English and other languages you ​​can downloade Free Ganga book read, Know-kept secrets.

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